यूँ तो प्यार-मौहब्बत और आपस में मिलजुल कर रहना मेरे शहर की गलियों में अक्सर देखा जाता है । पर रमजान के महीने में भाईचारे का माहौल देख...
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Ramadan 2017 Shayari - बरसतीं हैं रहमतें इस महीने में
बरसतीं हैं रहमतें इस महीने में ! चमक सी उठी है दिल के नगीने में ! था बुझा-बुझा सा मन ! जैसे अश्क़ों से भीगा है तन ! मिलता है बड़ा ...
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Ramjaan Shayari - खुदा की इबादत में
बरसतीं हैं रहमतें इस महीने में ! मिलता है सुकून रमजान के महीने में ! झुकते हैं तमाम सर खुदा की इबादत में मगर, किस्मत वाले हैं वो...
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Hindi Poem-Ramzan Ka Mahina Aaya Hai
दैनिक जागरण में प्रकाशित #Dainik Jagran
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