यूँ तो प्यार-मौहब्बत और आपस में मिलजुल कर रहना मेरे शहर की गलियों में अक्सर देखा जाता है । पर रमजान के महीने में भाईचारे का माहौल देख...
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Ramadan 2017 Shayari - बरसतीं हैं रहमतें इस महीने में
बरसतीं हैं रहमतें इस महीने में ! चमक सी उठी है दिल के नगीने में ! था बुझा-बुझा सा मन ! जैसे अश्क़ों से भीगा है तन ! मिलता है बड़ा ...
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